Brain eating- Amoeba: कितना है खतरनाक! जाने, केरल के लड़के की मृत्यु का राज।

अभी ताजा खबर केरल से आ रहा है जहां एक लड़के की मृत्यु Brain eating Amoeba के कारण हो चुका है। इस लड़के की पहचाना “15 वर्षीय गुरुदाथ” के रूप में हुई है जो 01 जुलाई 1023 को पास के एक झरना में स्विमिंग कर रहा था। उसका तबियत दो दिन बाद खराब होने लगा। बाद में उसे बुखार, सिरदर्द और वॉमिटिंग भी आने लगा। उसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती किया गया लेकिन उसे बचाया नही जा सका। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Brain eating – Amoeba या Naegleria Fowleri क्या है और यह लोगो के लिए किस प्रकार घातक है ?

Brain eating- Amoeba को “Naegleria fowleri” के नाम से भी जाना जाता है। यह सिर्फ एक कोशिका का बना एक आर्गेनिज्म है जो हल्का गर्म लेकिन ताजा जल स्रोतों में निवास करता है। जब कोई व्यक्ति जल में स्नान करता है या डुबकी लगाता है या स्विमिंग आदि करता है या किसी अन्य कारण से भी अपनी नाक को पानी के अंदर लेकर जाता है तब यह Amoeba नाक के रास्ते ब्रेन तक पहुंच जाता है और ब्रेन को घातक रूप से जख्मी कर देता है। जिसे डॉक्टरी भाषा में “Primary Amebic Meningoencephalitis या PAM” कहा जाता है।

Brain eating amoeba
Brain eating amoeba @hindustan times

लेकिन Amoeba से ग्रसित लोगो की संख्या बहुत कम है। यूनाइटेड स्टेट्स का मानना है कि इसप्रकार का केश एक साल में 3/4 ही मिलता है लेकिन जो भी केस मिलता है उसमे व्यक्ति की बचने की चांसेस मात्र 1% होती है।

इस खतरनाक बीमारी (PAM) से बचने के लिए अभी तक कोई स्पेशल दवाई नही बनी है। जब कोई बीमार पड़ता है तो उसे “Miltefosine” नामक एंटी – पैरासाइट दवाई दी जाती है। लेकिन यह दवाई तभी काम करती है जब समस्या शुरुआती स्तर पर हो। यदि पैरासाइट ने व्यक्ति को ज्यादा हानि पहुंचा दिया है तब ऐसी दवाई का असर व्यक्ति के ऊपर नही होता और इस प्रकार बीमार व्यक्ति की डेथ हो जाती है।

Brain eating -Amoeba से बचने के तरीका या सावधानियां

हमे याद रखना चाहिए कि यह पैरासाइट हल्का गर्म लेकिन ताजा जल स्त्रोत में निवास करता है और इससे भारत में एक लड़के मृत्यु हो चुकी है इसलिए लोगो को सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि यह सीधा मस्तिष्क को ही नुकसान पहुंचाता है। डॉक्टर भी मजबूर हो जाते है क्योंकि इस पैरासाइट को खत्म करने के लिए वर्तमान में कोई दवाई नही है। इस प्रकार सावधानी ही इसका इलाज है तो क्या करना चाहिए ताकि लोग सुरक्षित रहे:

  • रुकी हुई जल स्रोतों में स्नान ना करे।
  • स्नान करते वक्त सिर को जल के अंदर ना डुबाए।
  • झरना आदि में स्नान करते वक्त नाक में जल जाने से रोके।
  • बीमार पड़ते/असहज महसूस होते ही डॉक्टर के पास जाए और पूरी बाते बताए क्योंकि इस बीमारी से बचने की Chances मात्र 1% ही है।

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