72 hoorain review: धार्मिक कट्टरता की जड़े हिलाने वाली फिल्म

भारत के इतिहास में अब यह संभव हो सका है कि कोई व्यक्ति धर्म की कट्टरता और उसकी दानवी सोच को धरा पर उतार सके या उसे हरेक व्यक्तियों के लिए संभव बना सके। द कश्मीर फाइल्स और केरला स्टोरी के बाद बनी फिल्म “72 हुरे” धार्मिक कट्टरता की जड़े हिलाने वाली फिल्म है। शायद इसी कारण लॉन्च होते ही यह फिल्म विवादो से घिर गई। यह फिल्म वास्तव में “आतंकवाद और इस्लामी कट्टरपंथ” की समस्या पर बनाई गई है जिसे निर्मित किया है “गुलाब सिंह तंवर” ने और निर्देशित किया है “पूरन सिंह चौहान” ने। इस फिल्म के लीड रोल में है “आमिर बसीर और पवन मल्होत्रा” जिसकी एक्टिंग को लोगो ने बहुत सराहा है।

72 hoorain की कहानी

इस फिल्म में इस्लामिक आतंकवाद के रूप में दो फिदयनी आतंकवादी की कहानी को बताया गया है जो एक बम ब्लास्ट में मारा जाता है। इसमें दिखाया गया है कि किस प्रकार से लोगो को आतंक करने या आम लोगो की हत्या करने के लिए उकसाया जाता है। उसे लड़कियां से सेक्स करने या सेक्स दासी बनाने संबंधी चीजों को दिखाया जाता है जैसा कि फिल्म का नाम रखा गया है।

72 hoorain फिल्म की लॉन्चिंग और इनकम

इस फिल्म को लॉन्च करने में निर्देशक और उसके टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। 11 वर्षो से यह फिल्म Pending थी। कभी विवादो में आती थी तो कभी कोई एक्टर पीछे हट जाता था। डायरेक्टर पूरन सिंह चौहान जी ने अपनी तकलीफे को Opindia के साथ शेयर किया है। आखिरकार 07 जुलाई 2023, शुक्रवार को यह फिल्म लॉन्च कर दिया गया।। यह फिल्म काफी सस्ती मतलब मात्र 10 करोड़ रुपए में बनाई गई है। यदि फिल्म 10 करोड़ से भी ज्यादा इनकम करती है तब भी सफल मानी जाएगी।

फिल्म को 07 जुलाई को लॉन्च किया गया है और पहले दिन फिल्म 50 लाख रूपया कमा पाई है। यह फिल्म की ठंडी शुरुआत मानी जायेगी। अब देखना है कि फिल्म आगे क्या कमाल कर पाती है। क्या फिल्म सफल हो पाती है या नही।

72 hoorain का रिव्यू

यह फिल्म “इस्लामिक कट्टरता और आतंकवाद” पर बनाई गई है इसलिए विरोध होना तो आवश्यक ही था। हुआ भी यही, कुछ लोगो ने फिल्म को दिल से स्वागत किया, खूब प्रशंसा की तो कुछ लोगो ने बुराई करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। निर्देशक, डायरेक्टर, एक्टर आदि सभी को धमकी दे दी। वैसे कुछ पॉपुलर रिव्यू मैं आपको दिखाता हूं।

72 hoorain
भारत के प्रमुख पत्रकारों का 72 हूरे फिल्म को लेकर रिव्यू

इस फिल्म ने ऑडियंस को दो भागों में बांट दिया है। कुछ इसे स्ट्रॉन्ग मैसेज बोल रहे है तब कोई इसे काफी वायलेंट बता रहा है लेकिन यह बात लोगो के ऊपर निर्भर करता है कि वो चीजों को किस प्रकार लेते है। यह एक फिल्म है, फिल्म की तरह देखिए और यदि नही पसंद है तब नही देखिए।।

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